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बेरहम सुहागरात

अब आगे

"क्या हम ये सब कुछ दिनों बाद नहीं कर सकते? मैं अभी इन सब चीजों के लिए कंफर्टेबल नहीं हूँ।"_

दुल्हन बनी वो लड़की, सुहाग की सेज पर बैठी क़रीब 18 साल की लड़की अपने सामने मौजूद एक हैंडसम शख़्स से बोली, जिसकी उम्र क़रीब 26 साल रही होगी।

वो शख़्स तो अपने सामने मौजूद उस बेइंतहा खूबसूरत लड़की की खूबसूरती में ही खोया हुआ था। जब उसके कानों में उस लड़की की आवाज़ आई, तब जाकर मानो वो अपने सेंस में वापस लौटा।

"मैं तुम्हारा हसबैंड हूँ और तुम्हें मेरे साथ ये सब कुछ करना ही होगा।"_

शख़्स ने बेहद डोमिनेटिंग टोन में कहा, जिसे सुन उस लड़की का चेहरा सफेद पड़ गया।

उस लड़की ने बेडशीट को मुट्ठी में भर लिया और अपना सर नीचे झुकाए हुए धीमी आवाज़ में दोबारा रिक्वेस्ट करते हुए बोली—

"प्लीज़ मिस्टर नोमानी, मुझे बस कुछ वक़्त और दे दीजिए। मैं चाहती हूँ कि जब हम अपने इस रिश्ते में आगे बढ़ें, तब तक हम दोनों एक-दूसरे को थोड़ा बहुत जान लें तो बेहतर होगा। क्योंकि हर लड़की की तरह मैं भी…"

अभी उस लड़की ने इतना ही कहा था कि उसके हसबैंड ने उसकी सारी बातों को पूरी तरह इग्नोर कर दिया और उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर उसे किस करने लगा।

वो लड़की बिल्कुल शॉक रह गई और एक पल को तो उसे समझ में ही नहीं आया कि वो कैसे रिएक्ट करे। कुछ सेकंड के लिए उसका दिमाग पूरी तरह ब्लैंक हो गया।

वहीं वो उसके ऊपर झुका शख़्स उसे और भी ज़्यादा डेस्परेटली किस करने लगा। ऐसे जैसे उसे इस चीज की तलब ना जाने कब से हो।

जब उस लड़की का दम घुटने लगा, तब जाकर वो अपने सेंस में आई और उसने उस शख़्स के कंधे पर हाथ रखकर उसे खुद से दूर करने की कोशिश करने लगी।

लेकिन उस शख़्स ने उस लड़की के दोनों हाथों को पकड़कर बेड के ऊपर प्रेस कर दिया और उसे बेड पर लिटाकर उसे और भी ज़्यादा गहराई से चूमने लगा।

अब उस लड़की का दम घुटने लगा था और ठीक से साँस ना ले पाने की वजह से उसका पूरा गोरा चेहरा लाल हो गया था। उसकी खूबसूरत आँखों में मोटे-मोटे आँसू भर आए थे।

वो शख़्स उसे तब तक किस करता रहा जब तक वो पूरी तरह सैटिस्फाई नहीं हो गया।

एक लंबी, गहरी और ब्रेथलेस किस के बाद जब वो उससे अलग हुआ, तो उसकी नज़र अपने नीचे लेटी उस लड़की के खूबसूरत चेहरे पर गई, जो इस वक्त पूरी तरह से आंसुओं से भीगा हुआ था।

उस लड़की के माथे का सिंदूर और उसके होंठों की लिपस्टिक पूरी तरह बेरहमी से फैल चुकी थी। उसके बाल भी कुछ उसके चेहरे पर बिखर गए थे।

फिर भी इतने मैसी लुक में भी वो लड़की बला की खूबसूरत लग रही थी, जिसे देखकर किसी का भी ईमान डोल सकता था।

"अब तुम्हें मेरे टच की, मेरे क़रीब आने की और हमारे इंटिमेसी की आदत डाल लेनी चाहिए। क्योंकि अब तुम कशिश कपूर नहीं, बल्कि कशिश अश्वत नोमानी हो। मेरी बीवी हो"_

उस शख़्स ने उस लड़की यानी कशिश के होंठों को बेदर्दी से मसलते हुए कहा।

कशिश अपनी डबडबाई आँखों से उस शख़्स की स्टर्लिंग ग्रे आईज में देखने लगी, जो इस वक्त इंटेंसिटी से कशिश को ही घूर रही थीं। ऐसे लग रहा था जैसे वो उसके अंदर तक झाँक रही हों।

कशिश ने अपना चेहरा दूसरी ओर कर लिया।

वहीं वो शख़्स यानी अश्वत नोमानी कशिश को कुछ देर यूँ ही देखता रहा। फिर उसने अपना हाथ कशिश की गर्दन पर रखा।

कशिश ने बेडशीट को अपनी मुट्ठी में और कस लिया और खुद को पूरी तरह अपने ऊपर झुके उस शख़्स यानी अश्वत नोमानी के हवाले कर दिया।

अश्वत कशिश की गर्दन को चूमता हुआ नीचे की ओर बढ़ने लगा।

कशिश की साँसें भारी हो रही थीं। वहीं वो अश्वत को कशिश का ब्लाउज़ इरिटेट कर रहा था, इसलिए उसने अपना हाथ कशिश के पीठ की ओर बढ़ाया और उसके ब्लाउज़ की डोरियों को खोलने लगा।

कशिश काफ़ी ज़्यादा अनकंफर्टेबल हो रही थी। वो चाहती थी कि वो अश्वत को इस वक्त धक्का दे दे और इस रूम से बाहर चली जाए, लेकिन वो जानती थी कि वो अश्वत को गुस्सा नहीं दिला सकती।

कशिश की माँ ने कशिश को बहुत समझाया था कि उसे शादी के बाद अश्वत की हर एक बात माननी है और कभी भी उसकी डीसरिस्पेक्ट नहीं करनी और ना ही कभी उसकी बातों को मानने से इनकार करना है।

अश्वत अगर उसे उठने को कहेगा तो उसे उठना है और अगर वो दिन को रात कहेगा तो उसे दिन को रात ही समझना है।

बस इसी वजह से कशिश ने उस वक्त उससे और ज़्यादा रिक्वेस्ट नहीं की और जो फर्स्ट नाइट हर एक लड़की का ड्रीम होता है, उस ख़्वाब को कशिश ने पूरी तरह से अश्वत की मर्ज़ी के ऊपर छोड़ दिया।

वहीं अश्वत ने कशिश के जिस्म से उसके सारे कपड़े हटा दिए थे। अब कशिश सिर्फ़ अपने रेड ब्रा और पैंटी में थी, जिसमें कशिश का गोरा रंग और भी ज़्यादा निखर कर नज़र आ रहा था।

अश्वत की नज़र तो कशिश के परफेक्ट बॉडी कर्व्स पर ही घूम रही थी। सचमुच कहना ग़लत नहीं होगा कि कशिश के चेहरे से लेकर उसके जिस्म का हर एक हिस्सा काफ़ी फुर्सत से तराशा गया था।

जितना इमेजिन किया था तुम उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत हो फ्लावर_ अश्वत अपने मन में बोला, आख़िर ऐसे ही वो इस लड़की के लिए पहली नज़र से ही पागल नहीं था।

वहीं कशिश की आँखों में आँसू भरे हुए थे। वो बड़ी मुश्किल से उन्हें बाहर निकलने से रोक रही थी।

अश्वत घुटनों के ऊपर बेड में बैठा हुआ था। उसने अपने सारे कपड़े रिमूव कर दिए।

उसने कशिश को छोड़ा और उसकी ब्रा को खोलकर उसकी बॉडी से अलग कर दिया।

अब उसके सामने कशिश के उभरे हुए ब्रेस्ट साफ़ नज़र आ रहे थे, जिन्हें देखकर वो मानो पल भर के लिए खो सा गया।

वो नीचे झुका और उसने कशिश के निप्पल को अपनी उँगलियों से हल्का सा वाइब्रेट करके देखा।

उसके ऐसा करने से कशिश पूरी तरह से सिहर उठी।

वहीं अश्वत ने अपनी दो उँगलियों से कशिश के निप्पल को हल्का प्रेस किया, जिससे कशिश के मुँह से सिसकी निकल गई।

उसने कशिश के चेहरे की ओर देखा, जो उसे ही देख रही थी, अश्वत ने कशिश की आँखों में देखते हुए अपने सिर को झुकाकर उसके निप्पल को हल्का सा लिक कर दिया।

उसके ऐसा करते ही कशिश के पूरे बदन में मानो करंट सा दौड़ गया। वो कांपने लगी।

अश्वत उसकी ज़िंदगी में आने वाला वो पहला शख़्स था जो उसके इतने क़रीब आया था।

कशिश के ब्रेस्ट को देखकर अश्वत खुद को ज़्यादा कंट्रोल नहीं कर सका और उसने कशिश के एक ब्रेस्ट को मुट्ठी में भर लिया, जिससे उसके निप्पल टाइट हो गए।

फिर बिना देरी किए उसने दूसरे निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और उसे चूसने लगा।

कशिश को ऐसा लगा जैसे उसके ऊपर से कुछ चींटियाँ दौड़ रही हों।

उसकी आँखों में ठहरे आँसू बहने लगे, जो उसकी आँखों से निकलकर उसके बालों में छुप रहे थे।

वहीं अश्वत बड़े डेस्परेट तरीके से कशिश के दोनों ब्रेस्ट को मसलते हुए उन्हें चूस रहा था, जैसे वो उनमें से दूध बाहर निकाल कर ही रहेगा।

कशिश को अब हल्का-हल्का दर्द होने लगा, जिस वजह से उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगीं, जो अश्वत को और भी ज़्यादा एक्साइटेड करने के लिए काफ़ी थीं।

अश्वत अपने होंठों को कशिश के ब्रेस्ट के बीच से फिसलाते हुए नीचे की ओर बढ़ने लगा।

उसने कशिश की बेली बटन तक पहुँचकर पहले उसे ज़ोर से चूमा और फिर बाइट कर दिया, जिससे कशिश की चीख निकल गई।

लेकिन अश्वत बिल्कुल भी नहीं रुका।

वो कशिश को चूमते हुए और नीचे उतरा और उसने कशिश की पैंटी को भी रिमूव कर दिया।

कशिश की छोटी पिंक सी टाइट सॉफ्टनेस को देखकर मानो कुछ पल के लिए उसकी नज़र वहीं थम सी गई।

वहीं कशिश अपने सॉफ्टनेस पर अश्वत की गर्म साँसें महसूस कर सकती थी, जिससे उसका पूरा चेहरा डर और शर्म से लाल हो गया।

तभी कशिश को अपनी सॉफ्टनेस पर एक गर्म और मोटी चीज़ महसूस हुई।

कशिश समझ चुकी थी कि ये चीज़ क्या है, उसने अपने पैरों को आपस में जोड़ना चाहा मगर अश्वत ने उसके पैरों को स्प्रेड कर दिया और खुद उसके पैरों के बीच आ गया था।

प्लीज़ डोंट Mr. नोमानी_ कशिश ने अश्वत को रोकना चाहा मगर अगले ही पल एक ज़ोरदार दर्दनाक चीख उसके मुँह से निकल गई, क्योंकि अश्वत ने एक ही बार में धक्का देकर अपने डिक को कशिश की छोटी सी सॉफ्टनेस के पूरा अंदर तक उतार दिया था।

जिस वजह से कशिश की चीख निकल गई थी।

वो छटपटाने लगी और अश्वत को धक्का देने लगी, लेकिन अश्वत ने उसके पैरों को और उसके दोनों हाथों को पकड़ लिया।

कशिश अपनी आँसुओं से भरी आँखों से अश्वत को देखकर ना में अपना सिर हिलाने लगी।

लेकिन अश्वत आज रात बिना किसी इमोशन के उसे देख रहा था, और उसने इस दर्द की हालत में कशिश की आँखों में देखते हुए उसे गहराई तक धक्का देना स्टार्ट कर दिया।

कशिश केप्राइवेट पार्ट से निकलता ब्लड लगातार बेडशीट पर गिर रहे थे और अश्वत काफ़ी गहराई तक उसे धक्का देते हुए उसके साथ हार्डली इंटिमेट हो रहा था।

कशिश की चीखें अब उसकी सिसकियों में बदल गई थीं और वो अपने दर्द को बर्दाश्त करते हुए सब सह रही थी।

कुछ देर में उसकी सिसकियाँ भी घुटी आवाज़ों में बदलने लगीं, क्योंकि कशिश के साथ अश्वत और भी ज़्यादा हार्ड और रफली इंटिमेट हो रहा था।

प्लीज़ रुकिए..... एक तेज़ चीख के साथ कशिश की आँखें खुलीं।

कशिश इस वक्त अपने सीने पर हाथ रखकर गहरी-गहरी साँसें ले रही थी।

वहीं उसकी चीख सुनकर उस कमरे में भागते हुए नर्स और डॉक्टर आ गए।

उन लोगों ने जैसे ही कशिश को देखा, उनकी आँखें चमक उठीं।

वहीं कशिश इस वक्त आंखें बंद किए हुए डर से कांप रही थी, तभी उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखते हुए कहा—

मन्नत क्या तुम ठीक हो?

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Adeline

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