अब आगे
हेलो स्टूडेंट I'm your professor Dr. Vidit Ganguli_ सामने खड़े विदित ने जैसे ही यह कहा अनाया को ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके बदन से उसकी रूह ही खींच दी हो
वो अपनी आंखें फाड़े सामने खड़े विदित को ही देख रही थी जिसका ध्यान उसकी ओर बिल्कुल नहीं था
विदित ने नेवी ब्लू कलर की पेंट के ऊपर व्हाइट कलर की शर्ट पहनी हुई थी, अपने बालों को जेल से सेट किए वो बेहद हैंडसम लग रहा था।
विदित ने डॉक्टर वाली एप्रॉन भी पहनी हुई थी जो उसकी मस्कुलर बॉडी पर बेहद शानदार लग रही थी।
ओह गॉड क्या आपको पूरी दुनिया में यही मिला था मेरा प्रोफेसर बनाने के लिए कितना एम्बेरेसिंग है ये मोमेंट, एक तो पहले ही मैंने इसके साथ वन नाइट स्टैंड कर लिया है ऊपर से ये मेरा रिश्ते में चाचा लगता है। इसकी बेटी मेरी फ्रेंड है और अब ये मेरा प्रोफेसर... क्या आपने सारी मुसीबतों को मेरा ही एड्रेस देकर भेज दिया है।
अनाया अपने नाखून चबाते हुए ख़ुद से ही बड़बड़ा रही थी।
अगर किसी को पागलों की तरह ख़ुद से ही बात करने की आदत है तो वो प्लीज़ मेरी क्लास से बाहर जा सकते है_ विदित ने कड़क आवाज़ में कहा
विदित ने भले ये सब अनाया की ओर देखकर नहीं कहा था मगर अनाया उसका टोंट समझ भी ना पाए इतनी बेवकूफ़ वो नहीं थी।
अनाया ने घूरकर विदित की ओर देखा जिसने उसे पूरी तरह इग्नोर कर रखा था।
अनाया ने अब ख़ुद को कंपोज कर लिया और विदित के सामने नर्वस ना होने के लिए ख़ुद को बेहद मज़बूत कर लिया।
Sir, may I come in?_ इस आवाज़ को सुन सबने दरवाजे की ओर देखा जहां एक क़रीब 22 साल का हैंडसम लड़का खड़ा था। जिसमें ब्लू जींस के ऊपर रेड टी शर्ट पहनी हुई थी।
मुझे अपनी क्लास में देर से आने वाले स्टूडेंट्स नहीं पसंद लेकिन आज तुम्हारा first day है इसलिए माफ़ कर रहा हूं_ विदित ने कड़क लहज़े से कहा
उस लड़के ने Sorry कहा और क्लास के अंदर आ गया।
क्या मैं यहां बैठ सकता हूं?_ उस लड़के ने अनाया से पूछा
Why not _ अनाया ने उस लड़के के हैंडसम चेहरे को प्यार से देखते हुए कहा
वो लड़का मुस्कुराकर अनाया के बगल में बैठ गया।
My self काव्य नाम तो सुना ही होगा_ उस लड़के ने आई ब्लिंक करके कहा तो अनाया मुस्कुरा दी।
I'm Anaya, Anaya Ganguli_ अनाया ने काव्य से हाथ मिलाया
जिन्हे दोस्ती यारी करनी हो वो मेरी क्लास से बाहर जा सकते है_ विदित ने ठंडी आवाज़ में कहा
अनाया ने चिढ़कर विदित की ओर देखा जो अब व्हाइट बोर्ड में मारकर से कुछ लिख रहा था।
क्या इस खडूस अंकल को सिर्फ़ मैं ही दिखाई दे रही हूं?_ अनाया चिढ़ते हुए ख़ुद से बड़बड़ाई
क्या? तुमने कुछ कहा?_ काव्य ने कन्फ्यूजन से उसकी ओर देखा
अनाया मुस्कुराकर बोली _कुछ भी तो नहीं (फ़िर धीरे से बुदबुदाई) तुम सिर्फ़ मुझपर फोकस करो
अनाया बार बार तिरछी नजरों से काव्य को देख रही थी जो अब पूरा मन लगाकर प्रोफ़ेसर विदित गांगुली कि बातें सुन रहा था। काव्य को देखकर अनाया के दिल में घंटियां बजने लगी थी।
अनाया को बार बार ऐसा लग रहा था कि किसी की तपिश भरी नज़रे उसे घूर रही है, वो इधर उधर नज़रें घुमा कर देखने लगी लेकिन उसे कोई नज़र नहीं आ रहा था।
अनाया ने इस बात को इग्नोर किया और अब वो भी अपने प्रोफेसर uncle की बातें गौर से सुनने लगी।
विदित ने क्लास ओवर की और वो क्लास से बाहर चला था।
विदित के जाते ही अनाया ने राहत की सांस ली।
उसके बाद उनकी एक और प्रोफ़ेसर ने क्लास ली फ़िर उनका लंच ब्रेक हो गया।
चलो कैंटीन चलते है_ काव्य ने कहा
अनाया मुस्कुराकर उसके साथ कैंटीन चली गई।
काव्य और अनाया दोनों ही कैंटीन चले गए। काव्य और अनाया एक दूसरे के सामने कैंटीन की चेयर पर बैठे अपना सैंडविच एंजॉय कर रहे थे।
काव्य ने अपने इंट्रो में अनाया को बताया कि उसके डैड का शिमला में ख़ुद का हॉस्पिटल है ओर उन्होंने ही उसे कोलकाता भेजा है अपनी मेडिकल प्रैक्टिस के लिए।
वो दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे। अनाया को उसकी कंपनी काफ़ी पसंद आ रही थी। काव्य था भी फ्रेंडली नेचर का बंदा जिसका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का था।
अनाया गांगुली आप ही है?_ प्यून ने अनाया के सामने आकर उससे पूछा
जी मैं ही हूं_ अनाया ने कहा
आपको प्रोफ़ेसर गांगुली ने अपने केबिन में बुलाया है_ इतना बोल वो प्यून वहां से चला गया
प्रोफेसर ने तुझे क्यों बुलाया है?_ काव्य ने सवालिया नजरों से अनाया को देखा
शायद कुछ क्लास से रिलेटेड काम हो_ अनाया ने फेक स्माइल करते हुए कहा
जबकि अंदर से वो बहुत ज़्यादा डरी हुई थी।
मैं अभी आईं_ अनाया ने अपनी जगह से उठते हुए कहा और कंधे पर बैग टांगे वो कैंटीन से बाहर निकल गई।
ये प्रोफेसर uncle ने मुझे ऐसे क्यों बुलाया? कहीं उन्हें उस रात के लिए अपोलाइज तो नही करना, नहीं नहीं, मैं भी कुछ ज़्यादा ही अजीब सोच रही हूं अगर उन्हें उस बारे में बात करनी होती तो वो पहले ही कर लेते इतने दिनों में। उन्हें ज़रूर कुछ दूसरी बात करनी होगी_ ये ख़ुद से ही बातों को तोड़ मरोड़ कर सोचते हुए अनाया आगे बढ़ रही थी।
अनाया ने एक सीनियर को रुकवाकर पूछा _सर ये प्रोफेसर अंक...(ख़ुद को करेक्ट करते हुए) i mean प्रोफेसर गांगुली का केबिन कहा है?
उस सीनियर ने एक नज़र अनाया को ऊपर से नीचे तक घूरकर देखा, उसके ऐसा देखने से अनाया अनकंफर्टेबल हो गई।
दिखने में ब्यूटीफुल हो लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि प्रोफेसर गांगुली तुमसे पट जाएंगे। तुमसे पहले भी बहुत सी लड़कियों ने उनपर ट्राई किया है लेकिन उन्हें बहुत बूरी सजा मिली है, फ़िर भी एक एक बार उनपर ट्राई करके अपना दिल तुड़वा कर तुम भी देख लो, स्ट्रेट देन राइट_ इतना बोल वो सीनियर वहां से चला गया
अनाया ने अजीब नज़रों से उस सीनियर को जाते हुए देखा _पागल कहीं का
अनाया उस सीनियर के बताए डायरेक्शन में आगे बढ़ रही थी।
जल्द ही प्रोफ़ेसर विदित गांगुली का केबिन आया।
अनाया ने खराश लेकर गले को साफ़ किया _May I....
Come inside_ अंदर से विदित की दमदार आवाज़ आई
अनाया के रोंगटे खड़े हो गए।
अनाया ने सीने पर हाथ रख कर गहरी सांस ली और केबिन का दरवाज़ा खोल अंदर चली गई।
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Ahh... uncle please don't put two finger... अनाया ने दर्द से कराहते हुए कहा, उसके माथे पर पसीने की बूंदे उभरी हुई थी।
I will Little girl_ इतना बोल विदित ने अनाया की pu$sy में अपनी तीन फिंगर इंसर्ट कर दी
आह्ह_ अनाया की चीख निकल गई...



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